संविधान रक्षक जिला संवाददाता उमेश तिवारी
बाराबंकी तहसील रामनगर ग्राम पंचायत लोधौरा के लेखपाल संतोष वर्मा के द्वारा ग्राम पंचायत लोधौरा में चक रोड आर सी सी प्रधान के कहने पर रोज नाप करते हैं। बड़ी दुर्भाग्य की बात है। पूर्व एसडीएम रामनगर पवन कुमार ने खेमराज पुत्र शोभाराम ने धारा 24 के तहत वाद दायर किया था। पूर्व एसडीएम ने धारा 24 में आदेश पारित किया की ग्राम पंचायत लोधौरा का नक्शा ही नहीं है। इसलिए पलमाइस नहीं हो सकती है। जब नक्शा ही नहीं है तो संतोष लेखपाल ग्राम पंचायत लोधौरा में कि नशे से पैमाइश करते हैं। यह सोचनीय विषय है। जबकि वर्तमान एसडीएम रामनगर छुट्टी पर है। किसके आदेश पर 5 तारीख को पैमाइश करने पहुंचे। संक्रमणीय भूमधर ने जब लेखपाल से वार्ता की की गाथा संख्या 55 व 56 का रकबा कितना है। अपने को पल्ला झाड़ने हुए। यह कहकर टाल दिया की आपके पास खुद नक्शा हैं जबकि या सभी लोग जानते हैं जनता के पास कहां से नक्शा आ जाएगा। ग्राम विकास अधिकारी, प्रधान, इन दोनों लोगों की मिली भगत से गाटा संख्या संख्या 55व 56 पूरब पश्चिम 17 मी पूर्व लेखपाल सुरेश के द्वारा नाप किया गया। जिसकी रिपोर्ट प्रार्थी के पास मौजूद है। लेकिन संतोष लेखपाल पुरानी रिपोर्ट देखने के लिए तैयार नहीं। जबकि पूर्व में उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के द्वारा आदेश पारित हुआ था। की दोनों पक्षों के सहमत से नाप कराकर काश्तकार की जमीन आर सी सी व खड़ंजा लगाया जाए गाटा संख्या 75 व 55व 56 के बीच में 9 मी टर ग्राम समाज की भूमि पड़ी हुई है। जिस पर लोगों का कब्जा है। विपक्षियों द्वारा लेखपाल से मिलकर 9 मी टर ग्राम समाज की जमीन को संतोष लेखपाल द्वारा नाप नहीं किया जा रहा है। जबकि सोने विशय है कि पूर्व में सुरेश लेखपाल ग्राम पंचायत लोधौरा ने नाप करके 9 मी टर समाज की जमीन को नाप का रिपोर्ट लगाई थी । वर्तमान लेखपाल उस रिपोर्ट को छुपाते हुए नए सिरे से लगातार पैमाइश कर रहे हैं। आखिर संतोष लेखपाल को किसका संरक्षण प्राप्त है। जो पूर्व लेखपाल की रिपोर्ट को खारिज कर नाप में हिलाहवालीकरते हैं। प्रार्थी अपील करता है की अगर किसी दूसरे तहसील के लेखपाल से पैमाइश कराई जाए। तो सत्यता सामने आ जाएगी।


