सवाल तो बहुत है मगर जवाब देगा कौन ??????
हॉस्पिटल रजिस्ट्रेशन के नाम पर होती है खुली उगाही
सीएमओ के सेवानिवृत्त होने से पहले एसीएमओ पी. के. सिंह पर हॉस्पिटलों से वसूली का दारोमदार
फतेहपुर – सीएमओ के साथ युवक का पैसे मांगने व गाली देते हुए वीडियो वायरल होने के बाद सीएमओ कार्यालय में हड़कंप मचा हुआ है चंद दिनों के बाद सीएमओ के रिटायर (सेवानिवृत्त) होने से पहले ऐसी घटना बड़े सवाल खड़ी करती है कि यह तो मामला सामने आ गया और यह भी पता चला कि सीएमओ कार्यालय में कितना बड़ा भ्रष्टाचार फैला हुआ है | अभी इसी तरह के कितने और मामले होंगे जो इसी तरह दबे हुए हैं जो अधिकारियों के डर की वजह से सामने नहीं आ रहे होगे | सीएमओ जब जनपद में आकर संभाला था बड़ी-बड़ी बातें करते हुए कहा था कि जिले में अवैध हॉस्पिटल,बिना डॉक्टर के हॉस्पिटल व जिले में स्वास्थ्य संबंधी कोई भी अवैध कार्य नहीं किया जा सकेगा | लिकिन वीडियो वायरल होने के बाद कहीं ना कहीं उनके सभी बाते हवा हवाई नजर आते दिख रहे हैं | जिले में संचालित होने वाले हॉस्पिटल, पैथोलॉजी, अल्ट्रासाउंड सेंटर का सीएमओ कार्यालय में एक निश्चित रेट निर्धारित किया गया है | जहां डॉक्टर हो या ना हो रुपए दो रजिस्ट्रेशन करो और गरीबों को लूट कर रुपए कमाओ और कार्यालय पहुंचाओ | नहीं तो झोलाछाप इंचार्ज पी.के. सिंह आ जायेगे | हाल ही में एसीएमओ पी.के. सिंह को झोलाछाप का चार्ज दिया गया | इसके बाद पी.के. सिंह के द्वारा सीएमओ की सरफरस्ती में सभी स्वास्थ्य संबंधी जगहो पर छापेमारी कर केवल नोटिस देने का कार्य किया जा रहा है और उन हॉस्पिटल के संचालकों को घर पर बुलाने का कार्य किया जा रहा है जिसका अब एक वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हुआ है | वीडियो में देखा जा रहा है कि एक अस्पताल के संचालक ए सीएमओ के आवास से बाहर निकलते हुए नजर आ रहे हैं सवाल तो पूछेंगे कि जब एसीएमओ पी.के. सिंह के द्वारा छापेमारी करते हुए नोटिस देने का कार्य किया जा रहा है तो आवास क्यों बुलाया जाता है ????? जब घर में ही हो जाते हैं काम तो ऑफिस की क्या जरूरत है ????


