शिक्षक बच्चों के लिए होते है रोल मॉडल : एमएलसी अंगद कुमार सिंह
प्रार्थना सभा में पब्लिक स्पीकिंग पर दें जोर : डीएम शशांक त्रिपाठी
बाराबंकी। जनपद स्तरीय हमारा आंगन–हमारे बच्चे उत्सव कार्यक्रम का आयोजन ब्लॉक संसाधन केंद्र बंकी (बड़ेल) में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सदस्य विधान परिषद अंगद कुमार सिंह ने किया। विशिष्ट अतिथि जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने कविता, कहानी एवं भाषण प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 15 विकास खंडों एवं नगर क्षेत्र के नोडल शिक्षक प्री-प्राइमरी, नोडल संकुल शिक्षक, ईसीसी एजुकेटर, नोडल शिक्षामित्र, नोडल आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री तथा आईसीडीएस मुख्य सेविकाओं को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कंपोजिट विद्यालय बड़ेल के बच्चों द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत से हुई। मुख्य अतिथि अंगद कुमार सिंह ने इंस्पायर अवार्ड में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बेसिक शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों के सहयोग से ही बच्चों की मजबूत नींव तैयार होती है। उन्होंने कहा कि शिक्षक बच्चों के लिए रोल मॉडल होते हैं तथा अभिभावकों के संस्कारों का प्रभाव बच्चों के व्यक्तित्व पर पड़ता है। शिक्षक सौभाग्यशाली होता है क्योंकि वह नन्हे-मुन्ने बच्चों के भविष्य का निर्माण करता है। उन्होंने अपने छात्र जीवन के संस्मरण साझा करते हुए परिषदीय विद्यालयों में ओपन जिम की व्यवस्था किए जाने की बात कही। विशिष्ट अतिथि जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि जनपद के परिषदीय शिक्षकों के मार्गदर्शन में बच्चों को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने आगामी शैक्षणिक सत्र से विद्यालयों की प्रार्थना सभा में पब्लिक स्पीकिंग को बढ़ावा देने पर जोर दिया, ताकि बच्चे बिना झिझक अपने विचारों को मंच पर व्यक्त कर सकें। उन्होंने कहा कि जब किसी कार्य को जुनून के साथ किया जाता है तो सफलता अवश्य मिलती है। साथ ही ग्राम प्रधानों से विद्यालयों में कायाकल्प योजना के अंतर्गत कराए गए कार्यों को अनुकरणीय बताते हुए सहयोग जारी रखने की अपील की।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार पाठक ने आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि हमारा आंगन हमारे बच्चे कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों की पहली पाठशाला उनका आंगन ही होता है। आधुनिक जीवनशैली में आंगन की परंपरा समाप्त होती जा रही है, जबकि नई शिक्षा नीति 2020 बच्चों में सामंजस्य, संस्कार और सामाजिक मूल्यों के विकास पर बल देती है। नोडल एसआरजी पद्मजा त्रिपाठी ने उत्सव कार्यक्रम में बाल वाटिका की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रम आयोजक जिला समन्वयक प्रशिक्षण, विनीता मिश्रा ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। मंच संचालन सुभाष तिवारी, प्रदीप श्रीवास्तव एवं राजेश यादव ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर खण्ड शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार गुप्ता, जैनेंद्र कुमार, चन्द्रशेखर यादव,डायट प्रवक्ता आर पी यादव, सहायक अभियंता समग्र शिक्षा विश्वजीत राय, जिला समन्वयक पीएम पोषण डॉ. पीयूष कुमार, इंचार्ज ईएमआईएस पंकज कुमार वर्मा, नोडल बालिका शिक्षा पारुल शुक्ला, पवन कुमार वर्मा, ऋषि टण्डन, अरविंद प्रताप सिंह, प्रीति सिंह सेंगर, राजेश यादव, वेद श्रीवास्तव सहित अनेक शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।


