विजयीपुर/फतेहपुर।
बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के अध्यक्ष एवं पर्यावरण पहरूवा प्रवीण पांडेय ने यमुना तट क्षेत्र के समग्र विकास को लेकर सरकार से कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई हैं। उन्होंने कहा कि यमुना किनारे बसे क्षेत्रों के विकास के लिए शिक्षा, परिवहन और पुरातात्विक संरक्षण पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। प्रवीण पांडेय ने यमुना तट पर कृषि महाविद्यालय की स्थापना की मांग करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के किसानों और युवाओं को आधुनिक कृषि शिक्षा प्राप्त होगी तथा रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड क्षेत्र कृषि प्रधान होने के बावजूद यहां कृषि शिक्षा के पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं हैं। इसके साथ ही उन्होंने भगवान राम की तपोस्थली चित्रकूट को रेल मार्ग से बेहतर तरीके से जोड़ने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि खागा एवं ऊंचाहार से चित्रकूट के लिए सीधा और सुगम ट्रेन संपर्क उपलब्ध कराया जाए, जिससे श्रद्धालुओं और आम यात्रियों को सुविधा मिल सके।
उन्होंने यमुना किनारे बसे गांवों को रोडवेज सेवा से जोड़ने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा बेहतर होने से आवागमन आसान होगा और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
प्रवीण पांडेय ने कंचनपुर-एकडला क्षेत्र के पुरातात्विक महत्व का उल्लेख करते हुए वहां शोध एवं संरक्षण कार्य शुरू कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है और इसके संरक्षण से पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है।


