👉 होली बंदी के दौरान भी कथित बिक्री, वीडियो वायरल होने से बढ़ी हलचल
👉 स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल—क्या होगी आबकारी विभाग की कार्रवाई?
✍️ फतेहपुर। जनपद फतेहपुर के खागा सर्किल अंतर्गत गाजीपुर थाना क्षेत्र के चुरियानी इलाके में शराब बिक्री को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि तय कीमत से अधिक दाम पर शराब बेची जा रही है। आरोप है कि जिस शराब की बोतल का मूल्य 90 रुपये बताया जाता है, उसे 100 रुपये या उससे अधिक में बेचा जा रहा है। इस कथित ओवररेटिंग को लेकर क्षेत्र में असंतोष बढ़ता दिखाई दे रहा है।स्थानीय सूत्रों के अनुसार होली के अवसर पर जब शासन द्वारा शराब दुकानों की बंदी घोषित थी, तब भी सेल्समैन लोगों द्वारा घर से शराब बेचने का आरोप लगाया गया । आरोप है कि 90 रुपये की बोतल 120 से लेकर 200 रुपये तक में बेची गई। एक स्थानीय व्यक्ति ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि जब कुछ लोगों ने इसका विरोध किया तो सेल्समैन ने कथित रूप से कहा कि वह मालिक के निर्देश पर ही बिक्री कर रहा है।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद की स्थिति बनने पर सेल्समैन ने फोन पर अपने मालिक को बुलाया, जिसके बाद कुछ लोग वाहन से मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों का दावा है कि मौके पर मौजूद लोगों ने दबंगई भरे अंदाज में कहा कि बिक्री जारी रहेगी और कोई कुछ नहीं कर सकता। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।कुछ स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान संबंधित व्यक्तियों द्वारा पुलिस और आबकारी विभाग का नाम लेकर संरक्षण मिलने जैसी बातें कही गईं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित विभागों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।वहीं यह भी कहा जा रहा है कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कथित रूप से ओवररेटिंग कर शराब बेचने की बात सामने आ रही है। वीडियो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन इसे लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर शराब बेची जा रही है तो यह नियमों का उल्लंघन है और इस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। लोगों का यह भी कहना है कि मामले की जानकारी खागा सर्किल के आबकारी अधिकारियों तक पहुंचाई गई है, लेकिन अभी तक कोई स्पष्ट कार्रवाई सामने नहीं आई है।क्षेत्र के कुछ लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शराब बिक्री व्यवस्था पर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। उनका कहना है कि यदि ओवररेटिंग के आरोप सही हैं तो यह सीधे तौर पर आम उपभोक्ताओं के साथ आर्थिक अन्याय है।अब निगाहें प्रशासन और आबकारी विभाग पर टिकी हैं कि वायरल वीडियो और स्थानीय शिकायतों को संज्ञान में लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमों के अनुसार संबंधित ठेकेदार या कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई संभव है। फिलहाल पूरे मामले ने गाजीपुर क्षेत्र में शराब बिक्री व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।


