कौशांबी। जनपद में गांजे के बढ़ते सेवन से स्वास्थ्य और सामाजिक ताने-बाने पर गंभीर असर पड़ रहा है। चिकित्सकों के अनुसार गांजे का लगातार सेवन मानसिक विकार, स्मरण शक्ति में कमी, अवसाद, चिंता, फेफड़ों से जुड़ी बीमारियां और हृदय संबंधी समस्याओं को जन्म दे सकता है। युवाओं में इसकी लत पढ़ाई, रोजगार और पारिवारिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है।
बीमारियां और बचाव: विशेषज्ञों का कहना है कि नशे से बचाव के लिए जनजागरूकता, परिवार की निगरानी, परामर्श केंद्रों की मदद और समय पर चिकित्सकीय सलाह बेहद जरूरी है। स्कूल-कॉलेज स्तर पर जागरूकता अभियान, खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देना भी प्रभावी कदम माना जा रहा है।
इसी बीच सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर सामने आई! दावा है कि जनपद के कई थाना क्षेत्रों में भांग के लाइसेंसी ठेकों की आड़ में कथित रूप से गांजे की खुलेआम बिक्री हो रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह अवैध कारोबार लंबे समय से जारी है और कई बार इसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सूत्रों का द है कि अवैध बिक्री से जुड़े वीडियो सामने आने पर उन्हें हटाने के लिए दबाव बनाया जाता है और मामलों को दबाने की कोशिश की जाती है। इससे नशा कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं और जिले में नशे का जाल फैलता जा रहा है। नागरिकों का कहना है कि गांजा और अन्य नशे की लत ने कई परिवारों को प्रभावित किया है, जिससे सामाजिक और आर्थिक संकट गहराया है।
यह भी आरोप है कि अवैध कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वाले कुछ पत्रकारों के साथ अभद्रता और दबाव की घटनाएं हुई हैं। ऐसे आरोपों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से बचाया जा सके और कानून-व्यवस्था मजबूत रहे।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मुद्दे पर क्या कदम उठाते हैं और जनपद में फैल रहे नशे के नेटवर्क पर कब तक प्रभावी अंकुश लगता है।


