किशनपुर थाना क्षेत्र के संगोलीपुर मड़ैयन स्थित मौरंग खदान से इन दिनों जो तस्वीर सामने आ रही है, वह प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। शाम ढलते ही बिना रवन्ना के ओवरलोड ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉली का सैकड़ों की संख्या में निकलना न केवल नियमों की खुली अवहेलना है, बल्कि यह पूरे सिस्टम की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान लगाता है।
स्थानीय ग्रामीणों द्वारा कई बार शिकायत करने के बावजूद संबंधित विभागीय अधिकारियों की अनदेखी समझ से परे है। यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि कहीं न कहीं व्यवस्था की कमजोरी या मिलीभगत की ओर भी इशारा करती है।
जब नियमों का पालन कराने वाले ही मौन हो जाएं, तो अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिलना स्वाभाविक है।
ओवरलोड वाहनों का यह सिलसिला केवल सरकारी राजस्व को नुकसान नहीं पहुंचा रहा, बल्कि क्षेत्र की सड़कों को भी तेजी से जर्जर कर रहा है। भारी वाहनों के दबाव से सड़कें टूट रही हैं, जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही, दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है, जो कभी भी बड़ी घटना का रूप ले सकता है।


