राष्ट्रीय पत्रकार सहायता संघ कोई औपचारिक संस्था नहीं है, बल्कि एक सशक्त, जागरूक और प्रतिबद्ध संगठन के रूप में उभरता हुआ एक ऐसा मंच है, जिसका मूल उद्देश्य देश में खोई पत्रकारिता को जीवित रखना और उसे मजबूती प्रदान करना है। यह संगठन किसी रजिस्ट्रेशन, पद या कार्यालय की सीमाओं में बंधा हुआ ढांचा नहीं है, बल्कि यह एक विचारधारा है एक ऐसी सोच, जो मानती है कि पत्रकारिता सिर्फ खबर लिखने या दिखाने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक जिम्मेदारी है। यह विचार हैं राष्ट्रीय पत्रकार सहायता संघ के एटा जिला प्रवक्ता विशाल माथुर उर्फ़ तूफानी का, उन्होंने अपनें विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के समय में जब पत्रकारिता कई तरह के दबावों, प्रलोभनों और चुनौतियों से जूझ रही है, तब राष्ट्रीय पत्रकार सहायता संघ एक सहारे की तरह सामने आता है। यह उन पत्रकारों के लिए एक मजबूत आधार तैयार करता है, जो सच को उजागर करने का साहस रखते हैं, लेकिन कई बार सिस्टम के जाल में फंस जाते हैं। इस संगठन की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि यह किसी एक जिले की सीमा के सीमित दायरे तक नहीं है, बल्कि इसमें देशभर के विभिन्न क्षेत्रों से पत्रकार शामिल हैं। आगे कहा कि इस संगठन में स्वतंत्र पत्रकारों की बड़ी भूमिका है, जो बिना किसी बड़े संस्थान के समर्थन के, अपने दम पर जमीनी हकीकत को सामने लाने का काम करते हैं। इनके साथ-साथ इस संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवती प्रसाद उर्फ बबलू चक्रवर्ती जी जो इस संगठन से जुड़े हुए सभी पत्रकार साथियों को उनको जरूरत पड़ने पर कानूनी सलाह और सहायता प्रदान करते हैं। इस तरह यह संगठन एक बहुआयामी सहयोग प्रणाली के रूप में कार्य करता है, आगे कहा कि राष्ट्रीय पत्रकार सहायता संघ का उद्देश्य किसी संस्था के रूप में विस्तार करना या अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर एक बड़ा संगठन खड़ा करना नहीं है। इसका असली लक्ष्य है पत्रकारों के हितों की रक्षा करना और पत्रकारिता के मूल उद्देश्यों को बनाए रखना हैं । आज जब कई बार पत्रकारों को उनके काम के कारण कानूनी परेशानियों, प्रशासनिक दबावों या अन्य प्रकार के अवरोधों का सामना करना पड़ता है, तब यह संगठन उनके साथ खड़ा रहता है। उन्होंने कहा कि सरकारी प्रक्रियाएं कई बार इतनी जटिल और उलझी हुई होती हैं कि एक सामान्य पत्रकार के लिए उन्हें समझना और उनसे निकलना आसान नहीं होता। ऐसे में राष्ट्रीय पत्रकार सहायता संघ मार्गदर्शक की भूमिका निभाता है। यह पत्रकारों को सही सलाह देता है और उन्हें उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करता है, यही नहीं जरूरत पड़ने पर उनकी ओर से न्यायिक मदद में भी सहयोग करता है। यह संगठन इस बात को अच्छी तरह समझता है कि राष्ट्रीय पत्रकार सहायता संघ संगठन सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि एक मिशन है। जब कोई पत्रकार किसी बड़े घोटाले, भ्रष्टाचार या अन्य संवेदनशील मुद्दे को उजागर करता है, तो वह सिर्फ एक खबर नहीं देता, बल्कि समाज के सामने सच्चाई लाने का काम करता है। लेकिन इस प्रक्रिया में उसे कई बार व्यक्तिगत, सामाजिक और कानूनी जोखिमों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में एक मजबूत सहयोग प्रणाली का होना बेहद जरूरी हो जाता है, और यही भूमिका यह संगठन निभाता है। कहा कि राष्ट्रीय पत्रकार सहायता संघ का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि यह पत्रकारों को अकेला महसूस नहीं होने देता। अक्सर देखा जाता है कि जब कोई पत्रकार किसी विवादित या संवेदनशील मुद्दे पर काम करता है, तो उसे समर्थन की कमी महसूस होती है। लेकिन इस संगठन के माध्यम से उसे यह भरोसा मिलता है कि वह अकेला नहीं है, बल्कि उसके साथ एक पूरा संगठन खड़ा है, जो हर परिस्थिति में उसका साथ देगा। इसके अलावा यह संगठन पत्रकारिता के नैतिक मूल्यों को बनाए रखने पर भी जोर देता है। यह सिर्फ अधिकारों की बात नहीं करता, बल्कि कर्तव्यों की भी याद दिलाता है। संगठन का मानना है कि पत्रकारिता की ताकत उसकी सच्चाई और निष्पक्षता में होती है, और अगर यही कमजोर हो जाए, तो पत्रकारिता का अस्तित्व ही खतरे में पड़ सकता है। इसलिए यह संगठन पत्रकारों को प्रोत्साहित करता है कि वे निष्पक्ष, जिम्मेदार और तथ्यों पर आधारित पत्रकारिता करें। कहा कि आज के डिजिटल युग में जहां खबरें तेजी से फैलती हैं और कई बार बिना सत्यापन के भी वायरल हो जाती हैं, वहां पत्रकारिता की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे समय में यह संगठन एक संरक्षक की तरह काम करता है, जो न केवल पत्रकारों को समर्थन देता है, बल्कि उन्हें सही दिशा में काम करने के लिए प्रेरित भी करता है। राष्ट्रीय पत्रकार सहायता संघ एक ऐसा मंच है, जो न किसी सत्ता के दबाव में काम करता है और न ही किसी स्वार्थ से प्रेरित है। इसका एकमात्र उद्देश्य है सत्य की रक्षा, पत्रकारों की सुरक्षा और पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों का संरक्षण। विशाल तूफानी ने संगठन के संघर्षों पर कहा कि राष्ट्रीय पत्रकार सहायता संघ ने एक से बढ़कर एक आंदोलन किया है एक ऐसा आंदोलन, जो उन सभी लोगों को एकजुट करता है, जो सच के साथ खड़े रहना चाहते हैं। यह उन पत्रकारों की आवाज है, जो बिना डरे, बिना झुके और बिना बिके अपनी जिम्मेदारी निभाना चाहते हैं। और जब तक ऐसे लोग मौजूद हैं, तब तक पत्रकारिता भी जीवित रहेगी और उसे जीवित रखने में राष्ट्रीय पत्रकार सहायता संघ की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण बनी रहेगी।
विशाल माथुर तूफानी
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