लोकेशन – फतेहपुर
संवाददाता – पवन कुमार श्रीमाली
फतेहपुर जिले के भिटौरा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले मकनपुर ग्राम पंचायत में विकास कार्यों में भारी अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब 400 मीटर लंबी सड़क के निर्माण में बड़ा घोटाला किया गया है। बताया जा रहा है कि सड़क की कुल लागत लगभग 40 लाख रुपये दिखाई गई, लेकिन कुछ ही समय में सड़क पूरी तरह जर्जर और टूट चुकी है।
ग्रामीणों के अनुसार इस सड़क का भुगतान एक साथ करने के बजाय कई भागों में बांटकर किया गया, ताकि उच्च अधिकारियों की सीधी निगरानी और जिला अधिकारी (डीएम) की संतुष्टि लेने की प्रक्रिया से बचा जा सके। सूत्रों का कहना है कि इसी कारण सचिव ने फाइलों में सड़क को अलग-अलग कार्य दिखाकर किस्तों में भुगतान कराया।
पुरानी नाली को नई दिखाकर लाखों का भुगतान
मामले में यह भी आरोप है कि गांव में पहले से बनी पुरानी नाली को ही कागजों में नई नाली दिखाकर लाखों रुपये का भुगतान कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर कोई नया निर्माण नजर नहीं आता, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में नाली निर्माण का कार्य पूरा दिखाया गया है।
तीन लोगों पर मिलीभगत का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इस पूरे खेल में ठेकेदार, ग्राम प्रधान और सचिव की मिलीभगत से सरकारी धन का बंदरबांट किया गया है। वहीं सचिव का कहना है कि सड़क का कुछ भुगतान अभी भी बकाया है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि सड़क पहले ही खराब हालत में पहुंच चुकी है।
जांच की उठी मांग
गांव के लोगों का कहना है कि अगर पूरे मामले की जिला स्तर से निष्पक्ष जांच कराई जाए और तकनीकी टीम से सड़क व नाली के कार्यों की माप और गुणवत्ता की जांच कराई जाए तो करोड़ों नहीं तो लाखों रुपये के घोटाले का पर्दाफाश हो सकता है।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) और भिटौरा ब्लॉक प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी धन के दुरुपयोग पर रोक लग सके।
अब सवाल यह उठ रहा है कि
क्या 40 लाख की लागत से बनी सड़क इतनी जल्दी जर्जर कैसे हो गई?
और अगर सड़क का कुछ भुगतान अभी बाकी है तो फिर पहले से ही टूटी सड़क किस गुणवत्ता से बनाई गई थी?


