जिम्मेदार मौन, माफिया निडर दिन के उजाले में धराशाई हो रही हरियाली
खखरेरू फतेहपुर थाना क्षेत्र में प्रतिबंधित हरे-भरे पेड़ों पर वन माफियाओं की कुल्हाड़ी रुकने का नाम नहीं ले रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार खखरेरू थाना क्षेत्र के चचीड़ा गांव का है, जहाँ उदय बाबा की कुटिया के पास स्थित कई दशक पुराने और विशालकाय रहे नीम के पेड़ों को वन माफियाओं द्वारा दिन-दिहाड़े काटकर धराशाई किया जा रहा है और कुटिया के पास हरियाली उजाड़ी जा रही है चाचीड़ा गांव के किनारे स्थित उदय बाबा की कुटिया के समीप कई हरे-भरे नीम के पेड़ खड़े थे, जो न केवल पर्यावरण के लिए जरूरी थे बल्कि राहगीरों को छाया भी प्रदान करते थे। लेकिन लकड़ी तस्करों ने वन विभाग के नियमों को ताक पर रखकर इन विशाल पेड़ों पर आरा चला दिया है। ताज्जुब की बात यह है कि यह पूरा खेल दिन के उजाले में खेला जा रहा है विभाग की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं क्षेत्रीय लोगों में चर्चा है कि प्रतिबंधित पेड़ों की कटान बिना स्थानीय विभाग के मिलीभगत के संभव नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग को इस मामले की जानकारी होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी अंजान बने हुए हैं। विभाग की यह उदासीनता सीधे तौर पर वन माफियाओं को बढ़ावा दे रही है जहाँ एक ओर सरकार वृक्षारोपण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर हरे भरे वृक्ष लगवाया रही है, वहीं दूसरी ओर माफिया पुराने और फलदार पेड़ों को काटकर पर्यावरण को भारी नुकसान पहुँचा रहे हैं। इस सम्बन्ध में बन क्षेत्राधिकारी विवेक शुक्ला से बात करने पर बताया कि मौके पर जांच टीम भेजकर मुकदमा लिखवाया जाएगा


