स्थानीय पुलिस प्रशासन के कार्यशैली में खड़े हो रहे हैं गम्भीर सवाल
फतेहपुर जनपद के असोथर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत सरकंडी स्थित बब्बू का डेरा निवासी सीमा देवी पत्नी कामता प्रसाद निषाद को तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र देने के बावजूद आज तक न्याय की आस है। तीन दिन से अधिक समय बीत जाने पर भी पुलिस ने आरोपियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
मौसम विभाग द्वारा हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है। तापमान 42 डिग्री के पार पहुंच रहा है। ऐसे में पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे तिरपाल डालकर रहने को मजबूर है। सीमा देवी अपने दो छोटे-छोटे बच्चों, बीमार पति और 70 वर्षीय बुजुर्ग सास-ससुर के साथ भीषण गर्मी में जीवन यापन कर रही हैं। पीने के पानी और छाया तक का इंतजाम नहीं है।
पीड़िता सीमा देवी ने बताया कि चौकी इंचार्ज व थाना प्रभारी दो-तीन बार मौके पर आए। लेकिन हर बार सिर्फ फोटो खिंचवाकर चले गए। एफआईआर दर्ज करने या आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित परिवार ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि स्थानीय पुलिस आरोपियों से मोटी रकम लेकर मामले को टालने में जुटी है।
सीमा देवी का आरोप है कि पुलिस अधिकारी कार्रवाई के बजाय गोल मोल जवाब देकर मामले को टाल देते हैं
परेशान सीमा देवी ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर न्याय नहीं मिला तो वह बच्चों व परिवार सहित जिलाधिकारी कार्यालय फतेहपुर के मुख्य गेट पर आमरण अनशन शुरू कर देंगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
क्षेत्र में चर्चा है कि भू-माफियाओं के दबाव में पुलिस पीड़िता को न्याय दिलाने के बजाय आरोपियों की सरपरस्ती करते दिखाई दे रहे हैं अब देखना यह है कि क्या गरीब सीमा देवी को इस सिस्टम में न्याय मिल पाएगा या माफियाओं की जीत होगी?


