असोथर (फतेहपुर): नगर पंचायत असोथर के बैरहना गांव में नहर की खांधी फटने से जल तांडव देखने को मिला है। नहर का तटबंध टूटने से करीब 100 बीघा कृषि योग्य भूमि पूरी तरह जलमग्न हो गई है, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया है।
प्रमुख बिंदु:
किसानों का भारी नुकसान: लगभग 100 बीघा खेतों में पानी भर जाने से फसलें पूरी तरह बर्बाद होने की कगार पर हैं। किसानों का कहना है कि जलभराव के कारण मिट्टी का कटाव भी हो रहा है।
गांव में अफरा-तफरी: नहर का पानी केवल खेतों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गांव की गलियों से होता हुआ लोगों के घरों में घुस गया। ग्रामीण घरों से पानी निकालने की जद्दोजहद में जुटे रहे।
प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल: ग्रामीणों का आरोप है कि नहर की पटरी काफी समय से कमजोर थी, लेकिन विभाग ने इस ओर ध्यान नहीं दिया, जिसका खामियाजा आज पूरे गांव को भुगतना पड़ रहा है।
“हमारी आंखों के सामने हमारी फसल डूब गई और घर का सामान बर्बाद हो गया। अब हमारे पास साल भर के खाने का भी संकट खड़ा हो गया है।” — एक पीड़ित ग्रामीण
तत्काल कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और संबंधित विभाग से मांग की है कि मौके पर आकर नुकसान का आकलन किया जाए और पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही, टूटी हुई खांधी को जल्द से जल्द ठीक किया जाए ताकि पानी का बहाव रोका जा सके।
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