खागा। विगत नौ जनवरी को युवा व्यापारी की ओवरलोड मोरम वाहन से सड़क दुर्घटना असमय मौत के आगोश में चले जाने के बाद व्यापारी संगठनों, सामाजिक संगठनों सहित आम जनमानस में भारी आक्रोश के चलते नगर पंचायत प्रशासन, तहसील प्रशासन, पुलिस प्रशासन की गहरी नींद टूटी और बुलडोजर लेकर सड़कों में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाना शुरु किया। देखना यह है कि नींद से बोझिल आंखें कब तक खुली रहती है। बताते चलें कि इसके पूर्व भी तहसील प्रशासन सहित अन्य को सड़कों में भारी अतिक्रमण की शिकायत दर्ज कराई गई थी लेकिन शायद आम जनों का बलिदान लेने के बाद ही अतिक्रमण हटाने का प्रण लिया गया था। अतिक्रमण अभियान के चलते एक तरफ जहां अतिक्रमणकारी क्षुब्ध हैं वही आम जनमानस व राहगीर राहत महसूस कर रहे हैं। व्यापारी संगठनो द्वारा दिए गए ज्ञापन का असर आज प्रशासन में देखने को मिला। यह तो शुरुआती कार्यवाही रही जबकि प्रमुख रूप से ओवरलोड मोरम वाहन व बड़े वाहनों में नो एंट्री प्रमुख है। अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद स्थानीय प्रशासन बड़े वाहनों पर नो एंट्री की कार्यवाही जमीन पर कब उतरेगा या भविष्य में निहित है। तत्कालीन जिलाधिकारी श्री अंजनेय सिंह ने कार्यवाही करते हुए नगर में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था। जिसमें बड़ी संख्या में जीटी रोड, किशनपुर रोड, नौबस्ता रोड जैसी प्रमुख सड़कों में भारी संख्या में मकान तोड़े गए थे। खाली कराई गई जमीन आज भी यथावत पड़ी है। विगत दिनों तहसील प्रशासन के माध्यम से नगर पंचायत प्रशासन से मांग किया गया था कि बन रहे फुटपाथ को खाली जमीन में शामिल कर लिया जाए लेकिन तमाम औपचारिक कार्यवाहियों का बहाने बनाकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। जिसका परिणाम आम जनों को जान देकर भुगताना पड़ा। एक बार फिर प्रशासन की चिर निद्रा खुली है कब तक खुली रहती है यह भविष्य के गर्भ में है।


