जनपद के 1586 ग्रामों में संचालित जल जीवन मिशन परियोजनाओं की प्रगति की डीएम ने की समीक्षा
निर्माण कार्यों में अधिकतम श्रमिक लगाकर समयबद्ध पूर्णता, पेयजल आपूर्ति संबंधी शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश
बाराबंकी, 21 जुलाई 2026। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित लोकसभागार में जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में कार्यरत पांचों निर्माण एजेंसियों—मेघा, पीएनसी, वीएसए, वीटीएल एवं गायत्री—द्वारा जनपद के कुल 1586 ग्रामों में संचालित परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सभी निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने कार्यस्थलों पर लगाए गए कुशल एवं अकुशल श्रमिकों की संख्या का विवरण अधिशासी अभियंता, जल निगम (ग्रामीण) को उपलब्ध कराएं। उन्होंने निर्देशित किया कि अधिशासी अभियंता उक्त विवरण का स्थलीय सत्यापन कराते हुए यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक परियोजना में पर्याप्त संख्या में श्रमिक कार्यरत हों, जिससे निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए उन्हें निर्धारित समयावधि में पूर्ण कराया जा सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि जल जीवन मिशन शासन की अत्यंत महत्वपूर्ण एवं जनहितकारी योजना है, इसलिए कार्यों की गुणवत्ता के साथ किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण एजेंसियां अधिकतम श्रमिक लगाकर लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करें तथा प्रत्येक परियोजना की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने विशेष रूप से निर्देशित किया कि पेयजल आपूर्ति से संबंधित प्राप्त होने वाली शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध हो सके। जहां कहीं भी जलापूर्ति बाधित है अथवा तकनीकी समस्या है, वहां संबंधित अधिकारी एवं कार्यदायी संस्था तत्काल समन्वय स्थापित कर समस्या का समाधान सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि कार्यों की नियमित समीक्षा एवं स्थलीय निरीक्षण निरंतर किए जाएंगे। यदि किसी परियोजना में अनावश्यक विलंब, लापरवाही अथवा गुणवत्ता में कमी पाई गई तो संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं की जवाबदेही निर्धारित करते हुए नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में डीडीओ भूषण कुमार,अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण), संबंधित विभागों के अधिकारी तथा मेघा, पीएनसी, वीएसए, वीटीएल एवं गायत्री निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


