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थाना ललौली क्षेत्र के पिपरवा डेरा (मजरे दसौली) में गलत तरीके से दीवार निर्माण का विरोध करने पर दबंगों द्वारा एक ही परिवार के लोगों पर लाठी-डंडों व ईंट-पत्थरों से जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक (SP) को प्रार्थना पत्र सौंपकर आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित रामभवन पुत्र राजाराम (निवासी पिपरवा डेरा) द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, घटना 14 जुलाई 2026 की शाम करीब 5:30 बजे की है। घर के बगल में गलत तरीके से दीवार का निर्माण किया जा रहा था। जब रामभवन ने निर्माण कार्य रोकने के लिए कहा, तो मिस्त्री मोनू (पुत्र जगरूप, निवासी महिपाल डेरा) ने उस पर करनी फेंककर मारी और गाली-गलौज शुरू कर दी।
आरोप है कि इसके बाद रामकरन, पुत्र रामसेवक,रामरती (पत्नी रामकरन) और महदेइया (पत्नी रामसेवक) एकजुट होकर रामभवन को लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से पीटने लगे।
किशोरी से अभद्रता और महिला पर जानलेवा हमला
बीच-बचाव करने आई पीड़ित की 17 वर्षीय नाबालिग बेटी नेहा के साथ भी मिस्त्री मोनू व रामकरन ने अभद्रता की और उसे पटककर गंभीर रूप से चोट पहुंचाई।
इसके बाद जब पीड़ित की वृद्ध मां मुन्नी देवी अपनी पोती और बेटे को बचाने पहुंचीं, तो आरोपी रामकरन ने लाठी से उनके सिर पर वार कर दिया, जिससे वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ीं। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।
पुलिस पर आरोप, गंभीर हालत में जिला अस्पताल रिफर
पीड़ित का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद जब वे थाने पहुंचे तो पुलिस ने एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की। इसके बाद 108 एम्बुलेंस की मदद से घायलों को पहले गाजीपुर (फतेहपुर) ले जाया गया, जहाँ चोटें गंभीर होने के कारण उन्हें फतेहपुर सदर अस्पताल के लिए रिफर कर दिया गया।
पीड़ित का यह भी आरोप है कि पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर महज़ शांति भंग की धाराओं में की गई है, जो कि घटना की गंभीरता के विपरीत और गलत है।पीड़ित रामभवन ने पुलिस अधीक्षक से मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।


