फतेहपुर। जनपद में एक ही परिवार के तीन सदस्यों द्वारा आत्महत्या किए जाने की हृदयविदारक घटना ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार लंबे समय से कर्ज के बोझ और कथित सूदखोरों के दबाव से परेशान था। मामले की जांच के दौरान पुलिस को कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसे मृतक अमर श्रीवास्तव द्वारा लिखा हुआ बताया जा रहा है। मृतक के पिता सुशील श्रीवास्तव ने भी नोट को अपने बेटे की लिखावट बताया है। सुसाइड नोट में कर्ज के बोझ के साथ कुछ लोगों द्वारा लगातार दबाव, धमकी और मानसिक उत्पीड़न किए जाने का जिक्र किया गया है। इससे साफ संकेत मिलता है कि परिवार लंबे समय से सूदखोरों के शिकंजे में फंसा हुआ था और लगातार प्रताड़ना झेल रहा था। बताया जा रहा है कि जिले में सक्रिय इस कथित सूदखोर गैंग का यह केवल एक मामला नहीं है। यदि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जाए तो ऐसे सैकड़ों मामले सामने आ सकते हैं, जहां लोग भारी ब्याज और दबाव के कारण बर्बादी की कगार पर पहुंच चुके हैं। सूत्रों के अनुसार यह गैंग सट्टेबाजी और जुए के अड्डों के जरिए लोगों को कर्जदार बनाता है और बाद में मोटे ब्याज के नाम पर लगातार दबाव बनाकर धन की वसूली करता है। कई मामलों में कर्जदारों की जमीन और संपत्तियां तक अपने नाम करवाने के आरोप भी सामने आते रहे हैं। यह भी चर्चा है कि इस पूरे नेटवर्क को चलाने में कुछ पुलिसिया संपर्कों का सहारा लिया जाता रहा है, जिसके दम पर कर्ज में दबे लोगों से वसूली कराई जाती रही है। मामले में यह भी सामने आया है कि मृतक को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा रही थी, जिससे वह और उसका परिवार लगातार मानसिक तनाव में जी रहा था। आखिरकार बढ़ते दबाव और प्रताड़ना ने पूरे परिवार को ऐसा खौफनाक कदम उठाने पर मजबूर कर दिया, जिसने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस फिलहाल सुसाइड नोट को जांच का अहम आधार मानते हुए पूरे मामले की गहन पड़ताल कर रही है। वहीं यह भी चर्चा है कि कथित सूदखोर गैंग के सरगना को बचाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है और उसके सहयोगी उसे छुड़ाने के लिए हर संभव प्रयास में जुटे हुए हैं। पुलिस में पकड़, सिस्टम व दबाव सहित हर हथकंडा अपना कर सूदखोर गैंग के सरगना को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल इस दर्दनाक घटना के बाद जिले में सूदखोरी के बढ़ते जाल को लेकर लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे गिरोहों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो कई और परिवार इसी तरह बर्बाद हो सकते हैं। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।


