➡️. 🚨. किशुनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम अहमदगंज तिहार में मादक पदार्थों गांजा और शराब का काला कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि जिम्मेदार आंखें मूंदे बैठे हैं।
➡️. सवाल यह नहीं कि नशे का कारोबार चल रहा है, सवाल यह है कि आखिर किसके संरक्षण में यह धंधा पनप रहा है?
➡️. सूत्रों की मानें तो ग्राम अहमदगंज तिहार और आसपास के इलाकों में गांजा व शराब जैसे मादक पदार्थों की सप्लाई लगातार जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कारोबार किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं, बल्कि इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा है?
➡️. सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि किशनपुर थाना पुलिस को इस पूरे खेल की भनक नहीं है या फिर सब कुछ जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है?
➡️. यदि पुलिस अनजान है तो यह उसकी बड़ी नाकामी है, और यदि जानकर चुप है तो यह बेहद गंभीर मामला है।
➡️. अब निगाहें पुलिस क्राइम ब्रांच और नारकोटिक्स विभाग पर टिकी हैं। जनहित में मांग उठ रही है कि इस पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच कराई जाए, कथित संरक्षणदाताओं को बेनकाब किया जाए और नशे के सौदागरों पर सख्त कार्रवाई हो।
➡️. यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो अहमदगंज तिहार ही नहीं, पूरा इलाका नशे की गिरफ्त में चला जाएगा—और इसकी जिम्मेदारी फिर किसकी होगी?


