बाराबंकी। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देश पर दिनांक-13.12.2025 को श्रीमती प्रतिमा श्रीवास्तव जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बाराबंकी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जनपद बाराबंकी में किया गया। लोक अदालत में मुख्य अतिथि के तौर पर माननीय श्री न्यायमूर्ति मनीष कुमार, प्रशासनिक न्यायमूर्ति बाराबंकी का आगमन हुआ। माननीय श्री न्यायमूर्ति मनीष कुमार, प्रशासनिक न्यायमूर्ति बाराबंकी के द्वारा मां सरस्वती के फोटो पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ किया गया। शुभारम्भ बेला पर जनपद न्यायाधीश के अतिरिक्त, श्रीमती वन्दना सिंह प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय, श्रीमती अल्पना सक्सेना, पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, श्री राकेश कुमार सिंह, अपर जिला जज/नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत, श्री श्रीकृष्ण चन्द्र सिंह, अपर जिला जज/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बाराबंकी, श्री राजकुमार अपर जिलाधिकारी न्यायिक, श्री विकास चन्द्र त्रिपाठी अपर पुलिस अधीक्षक, श्री नरेन्द्र कुमार वर्मा अध्यक्ष जिला बार एसोशिएशन, श्री रामराज यादव महामंत्री जिला बार एशोसिएशन, श्री सौरभ मौर्या अग्रणी जिला प्रबंधक, बैंक आफ इण्डिया के अतिरिक्त समस्त न्यायिक अधिकारीगण, अधिवक्तागण, कर्मचारीगण, पत्रकार बंधु उपस्थित रहें।
माननीय श्री न्यायमूर्ति मनीष कुमार, प्रशासनिक न्यायमूर्ति बाराबंकी ने राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता हेतु अपने उद्बोधन में कहा कि संवाद, संवेदनशीलता और सहमति ही लोक अदालत की आत्मा हैं। उन्होंने सभी न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं संबंधित विभागों से आह्वान किया कि वे मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पक्षकारों के बीच विश्वास का सेतु बनें, ताकि अधिक से अधिक मामलों का सौहार्दपूर्ण एवं स्थायी समाधान संभव हो सके। न्यायमूर्ति महोदय ने यह मूल मंत्र दिया कि “विवाद नहीं, समाधान हमारा लक्ष्य हो, टकराव नहीं, समन्वय हमारा मार्ग हो।” उन्होंने कहा कि लोक अदालत न्याय की उस अवधारणा को साकार करती है, जहाँ न्याय शीघ्र, सुलभ और सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध होता है। वर्ष के अंतिम राष्ट्रीय लोक अदालत की ऐतिहासिक सफलता हेतु मंगल कामना व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन समाज में न्याय के प्रति विश्वास को और सुदृढ़ करेगा तथा आम जन को राहत, संतोष और न्याय का अनुभव कराएगा।
श्री राकेश कुमार सिंह अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत द्वारा बताया कि राजस्व, बैंकों, विभिन्न विभागों एवं सिविल कोर्ट बाराबंकी के समस्त न्यायालयों द्वारा समग्र रूप से कुल-1,67़,509 मामलों का निस्तारण कर कुल रू-38,46,44,664/-अर्थदण्ड एवं प्रतिकर के रूप में जमा कराया गया।
उक्त निस्तारित मामलों में सिविल कोर्ट बाराबंकी के विभिन्न न्यायालयों द्वारा कुल-22,326 वादों का निस्तारण करते हुए कुल-26,16,80,77/- धनराशि अर्थदण्ड एवं प्रतिकर के रूप वसूल किया गया।
प्री-लेटिगेशन स्तर पर वैवाहिक, राजस्व विभाग, बैंकों, विभिन्न विभागों के कुल-1,35,085 मामलों का निस्तारण करते हुए कुल-29,17,97,758.00/- धनराशि वसूल किया गया।
प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय समेत सभी पारिवारिक न्यायालयों के द्वारा कुल-225 मामलों का निस्तारण किया गया।
मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण न्यायालय के द्वारा कुल-94 मुकदमों का निस्तारण रू0-5,74,47,710/- प्रतिकर राशि के रूप में प्रदान किया गया।
सभी मजिस्ट्रेट न्यायालयों के द्वारा समग्र रूप से कुल-32424 मुकदमों का निस्तारण करते हुए रू0- 26,01,850/- अर्थदण्ड वसूल किया गया। श्रीमती सुधा सिंह सी0जे0एम0 बाराबंकी के द्वारा सर्वाधिक 10050 मुकदमों का निस्तारण करते हुय रू0-388350/-रू0 अर्थदण्ड वसूल किया।
सभी दीवानी न्यायालयों के द्वारा कुल-112 दीवानी वादों का निस्तारण किया गया जिसमें 48 उत्तराधिकार के मामले निस्तारित करते हुए रू0-3,22,93,147/- उत्ताराधिकार राशि के रूप में प्रदान किया गया।
पूर्ण कालिक सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री श्रीकृष्ण चन्द्र सिंह द्वारा बताया गया कि जिले के विभिन्न राजस्व न्यायालयों से कुल-75206 वादों का निस्तारण किया गया। जिले की विभिन्न बैंकों द्वारा कुल 2400 एन0पी0ए0 खातों का निस्तारण करते हुए रू0-24,68,17,221/- रू0 वसूल किये गये। जिसमें बैंक आफ इण्डिया द्वारा सर्वाधिक 904 मामलों का निस्तारण किया गया।
इसके अतिरिक्त जनपद न्यायालय परिसर एवं ए0डी0आर0 भवन में माननीय श्री न्यायमूर्ति मनीष कुमार, प्रशासनिक न्यायमूर्ति बाराबंकी, श्रीमती प्रतिमा श्रीवास्तव माननीय जनपद न्यायाधीश महोदया द्वारा एवं अन्य न्यायिक अधिकारियों द्वारा पारिवारिक न्यायालय द्वारा 53 जोड़ों को एक साथ विदा किया गया। एक साथ जाने वाले जोड़ों को माला पहनाया गया एवं मिठाई वितरित की गयी एवं अन्य वादकाारियों को पानी व बिस्किट वितरित किया गया।
इस लोक अदालत की सफलता के लिए स्वास्थ्य परीक्षण शिविर चिकित्सा विभाग द्वारा, वादकारियों के लिए हेल्प डेस्क की व्यवस्था व स्वच्छ पेयजल, बायो ट्वायलेट की भी व्यवस्था की गयी थी।


