छोटे भाई आशीष ने दी मुखाग्नि, पुलिस सलामी टीम ने दी अंतिम सलामी; विभाग के सक्षम अधिकारी के नहीं पहुंचने पर लोगों में नाराजगी
रिपोर्ट महेश चक्रवर्ती असोथर/फतेहपुर।
असोथर फतेहपुर कन्नौज में पूर्व भाजपा सांसद सुब्रत पाठक के स्कॉर्ट वाहन के सड़क हादसे में जान गंवाने वाले असोथर निवासी हेड कांस्टेबल अभिषेक त्रिपाठी का बुधवार सुबह गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। सुबह करीब 10:30 बजे नगर पंचायत असोथर स्थित उनके निज निवास के पास खेतों में बने पूर्वजों के समाधि स्थल पर छोटे भाई आशीष त्रिपाठी ने मुखाग्नि दी। अंतिम विदाई के दौरान परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और कस्बे के लोगों की आंखें नम रहीं।
अभिषेक त्रिपाठी की मौत की खबर से परिवार में मातम पसरा हुआ है। हादसे के बाद से ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बुधवार को अंतिम संस्कार के दौरान माहौल बेहद भावुक रहा। अपने बीच पले-बढ़े अभिषेक को अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
देर रात दो बजे असोथर पहुंचा शव
हेड कांस्टेबल अभिषेक त्रिपाठी का शव मंगलवार देर रात करीब दो बजे पुलिस की अभिरक्षा में कन्नौज से असोथर लाया गया था। बुधवार सुबह अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी की गईं। सुबह करीब साढ़े दस बजे पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार किया गया। छोटे भाई आशीष त्रिपाठी ने बड़े भाई को मुखाग्नि दी। फतेहपुर जिला मुख्यालय से पहुंची पुलिस की सलामी टीम ने दिवंगत हेड कांस्टेबल को अंतिम सलामी दी। इस दौरान असोथर थाना प्रभारी राजीव मिश्रा और जरौली चौकी प्रभारी राकेश शर्मा पुलिस टीम के साथ मौजूद रहे। पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हुई। सक्षम अधिकारी के नहीं पहुंचने पर जताई नाराजगी
अंतिम यात्रा में शामिल लोगों ने पुलिस विभाग के किसी सक्षम अधिकारी के मौके पर नहीं पहुंचने पर नाराजगी जाहिर की। लोगों का कहना था कि अभिषेक त्रिपाठी पुलिस विभाग में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे और ड्यूटी के दौरान हुए सड़क हादसे में उनकी जान गई। ऐसे में विभाग के किसी वरिष्ठ अधिकारी को अंतिम संस्कार में शामिल होकर दिवंगत पुलिसकर्मी को श्रद्धांजलि देनी चाहिए थी। हालांकि, जिला मुख्यालय से पुलिस की सलामी टीम जरूर पहुंची थी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
अभिषेक त्रिपाठी अपने पीछे मां शकुन्तला त्रिपाठी, पत्नी गुड़िया त्रिपाठी, चार वर्षीय बेटी प्रतीक्षा त्रिपाठी और परिवार के अन्य सदस्यों को छोड़ गए हैं। उनके असामयिक निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मासूम बेटी के सिर से पिता का साया उठने से परिजनों का दुख और गहरा हो गया है। कस्बे के लोगों ने भी दिवंगत हेड कांस्टेबल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।
