खागा, फतेहपुर। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित बुदवन–बरकतपुर–अल्लीपुर भादर होते हुए प्रेमनगर तक जाने वाली सड़क महज चार वर्ष में ही बदहाली की तस्वीर बन गई है। जगह-जगह बने गहरे गड्ढे और उनमें भरा बारिश का पानी राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। सड़क की दुर्दशा ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और अनुरक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार नेशनल हाईवे-2 पर कंटोंघन मोड़ से बुदवन होते हुए प्रेमनगर तक 12.390 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण 21 मई 2022 को लगभग 12 करोड़ 86 लाख 37 हजार रुपये की लागत से कराया गया था। निर्माण एजेंसी को वर्ष 2027 तक सड़क के अनुरक्षण की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी, जिसके लिए करीब 1 करोड़ 19 लाख 65 हजार रुपये का प्रावधान किया गया। इसके बावजूद सड़क की हालत लगातार बिगड़ती चली गई और आज स्थिति यह है कि कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढों के कारण चार पहिया वाहनों का निकलना भी मुश्किल हो गया है।
बुधवार सुबह सड़क की बदहाली एक बार फिर हादसे की वजह बनी। खागा मंडी से प्रेमनगर कस्बे की ओर सब्जियां लेकर जा रहा एक ई-रिक्शा कस्बे के प्रवेश मार्ग पर गहरे गड्ढे में असंतुलित होकर पलट गया। हादसे में चालक और सब्जी व्यापारी बाल-बाल बच गए, जबकि ई-रिक्शे में लदी सब्जियां सड़क पर बिखर गईं। स्थानीय लोगों ने दौड़कर दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला और वाहन को सीधा कराया।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क पूरी तरह तालाब जैसी दिखाई देती है। ऐसे में हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। लोगों का आरोप है कि अनुरक्षण अवधि में भी सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई, जिससे करोड़ों रुपये की यह सड़क समय से पहले ही जर्जर हो गई।
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