फतेहपुर। विकास खंड विजयीपुर के ग्राम पंचायत रायपुर भसरौल में मनरेगा योजना के तहत लाखों-करोड़ों रुपये की लागत से बनवाए गए तालाब इन दिनों भीषण गर्मी में पूरी तरह सूखे पड़े हैं। तालाबों में पानी न होने से गांव में जल संकट गहरा गया है और पशु-पक्षी बूंद-बूंद पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार द्वारा जल संरक्षण और पशु-पक्षियों की सुविधा के लिए तालाब निर्माण पर भारी धनराशि खर्च की गई, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। गर्मी बढ़ते ही तालाब सूख गए, जिससे आवारा पशु, मवेशी और पक्षियों के सामने पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि तालाबों की समय-समय पर सफाई, गहरीकरण और जल संरक्षण की समुचित व्यवस्था की गई होती तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद तालाबों का सूखा रहना विकास कार्यों की गुणवत्ता और जिम्मेदारों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तालाबों में जल्द पानी की व्यवस्था कराई जाए, ताकि भीषण गर्मी में पशु-पक्षियों और ग्रामीणों को राहत मिल सके। साथ ही मनरेगा के तहत हुए कार्यों की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।अब बड़ा सवाल यह है कि जब जल संरक्षण के नाम पर करोड़ों खर्च हुए, तो फिर गर्मी आते ही तालाब सूखे क्यों पड़ गए?


