की घटनाओं ने भारी तबाही मचा दी। कहीं किसान की जीवनभर की जमा पूंजी जलकर राख हो गई, तो कहीं जंगल में लगी आग ने पूरी बस्ती को खतरे में डाल दिया। कड़ी मशक्कत के बाद दमकल विभाग और ग्रामीणों ने हालात पर काबू पाया।पहली घटना जननतारा (मजरें गढ़ा) गांव की बताई जा रही है, जहां वीरेंद्र निषाद के घर में अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई। घटना के समय परिवार के सदस्य खेतों में काम कर रहे थे। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। ग्रामीणों ने एकजुट होकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन घर में रखा अनाज, कपड़े और दैनिक उपयोग का सारा सामान जलकर राख हो गया। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।दूसरी घटना कल्ला डेरा और अहमदगंज तिहार गांव के बीच जंगल में हुई, जहां अचानक आग लग गई। तेज हवाओं के चलते आग तेजी से फैलने लगी और आबादी की ओर बढ़ने लगी। ऊंची लपटें देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। लोग एहतियातन अपने घरों से सामान बाहर निकालने लगे।तीसरी घटना रायपुर भरसौल गांव की है, जहां आग लगने की सूचना से अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पीआरवी पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से तत्परता दिखाते हुए आग पर काबू पा लिया। समय रहते कार्रवाई होने से बड़ा हादसा टल गया और भारी नुकसान होने से बचाव हो सका।


