स्कूल स्टाफ और गभाना पुलिस के जाल में फंसा पत्रकार, बंधक बनाकर किया जलील, मोबाइल छीन वीडियो की डिलीड
अलीगढ़ । उत्तर प्रदेश में सरकारी सिस्टम किस कदर बेलगाम हो चुका हैं, इससे शायद ही कोई अनभिज्ञ हो, अन्यथा तो नियम विरुद्ध कार्य के साथ, सरकारी सुबिधाओं को जहाँ लूटा जा रहा हैं, वहीं जमकर मनमानी की जा रही हैं और विरोध करने एवं सच दिखाने वालों को साजिशन फसाया जा रहा हैं । बतौर नमूना अलीगढ़ के ब्लॉक चंडौस थाना गभाना इलाके के कंपोजिट प्राथमिक विद्यालय 1 का बताया जाता हैं, जहाँ स्कूल के गंदे छतिग्रस्त शौचालय, विकलांग शौचालयों में पड़े ताले और परिसर में खड़े हरे नीम के पेड़ को काटने की सूचना पर कबरेज करने गये पत्रकार योगेश उपाध्याय को स्कूल स्टाफ और उनके द्वारा बुलाये गुंडा तत्वों ने पहले बंधक बनाकर मोबाइल छीनकर सारा डाटा डिलीड किया उसके बाद पत्रकार को अमानवीयता से जमकर जलील किया, यही नहीं पीड़ित पत्रकार से मारपीट और अभद्रता करके माफीनामा लिखवाया अन्य लोगों के हस्तक्षेप के बाद पत्रकार जैसे तैसे छूटा और थाना गभाना पहुचा जहाँ उसने एक लिखित तहरीर थानाध्यक्ष को दी, बताते हैं कि थानाध्यक्ष ने घटना की रिपोर्ट दर्ज करने का भरोसा भी पत्रकार को दिया, लेकिन न जाने ऐसे क्या कारण रहे कि थाना गभाना में पत्रकार की रिपोर्ट दर्ज न करके उल्टा उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि इस खेल से शायद ही कोई अनभिज्ञ हो कि अन्यथा बिना चड़ौती के तो ये असंभव हैं । फिलहाल पूरे प्रकरण में जितना स्कूल स्टाफ और उनके गुंडा तत्व गुर्गों ने खलनायक का रोल अदा किया उतना गभाना पुलिस भी कर रही हैं, जिससे जहाँ शपथ संकल्प लेकर वर्दी धारण करने वाले गभाना थानाध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर पक्षपात का कलंक लग रहा हैं, वहीं पत्रकारों में आक्रोश पनपने लगा हैं । बाकी पीड़ित पत्रकार योगेश उपाध्याय ने उच्च स्तरीय अधिकारियों को पत्र भेज कर निष्पक्ष जाँच और दोषियों को दंडित करने की माँग की हैं । देखते हैं आगे होता हैं क्या ?


