असोथर मंडी में धान की खरीद और तौल बंद होने से किसानों में आक्रोश व्याप्त है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद दो माह से तौल न होने पर किसानों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। आरोप है कि मंडी केंद्र पर पिछले करीब डेढ़ माह से ताला लटका है, जबकि कागजों में खरीद प्रक्रिया जारी दिखाई जा रही है।
थाना क्षेत्र के अंदीपुर घरवासीपुर गांव निवासी किसान नकुल सिंह ने बताया कि उनके पास 70 कुंतल धान का वैध सत्यापन पत्र है, लेकिन अब तक उनकी फसल की तौल नहीं कराई गई। उनका कहना है कि अधिकारियों ने तौल शुरू कराने का आश्वासन दिया था, पर मंडी पहुंचने पर केंद्र बंद मिला। कई बार चक्कर लगाने के बावजूद कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं मिला।किसान ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र धान की तौल नहीं कराई गई तो वह आत्महत्या करने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। उनका कहना है कि खुले में रखा धान खराब होने की कगार पर है, जिससे भारी आर्थिक नुकसान की आशंका बनी हुई है।बताया जा रहा है कि क्षेत्र के लगभग 30 प्रतिशत किसानों का धान अब भी बिक्री के इंतजार में पड़ा है। किसान मंडी के चक्कर लगाते-लगाते थक चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। इससे किसानों में रोष बढ़ता जा रहा है।
इस संबंध में डिप्टी आरएमओ शमीर शुक्ला से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि मंडी का गेट बंद कराने का कोई आदेश उनके स्तर से जारी नहीं किया गया है। केंद्र प्रभारियों द्वारा गेट बंद कराया गया होगा। हालांकि उन्होंने आश्वस्त किया कि किसान का धान नियमानुसार खरीदा जाएगा और तौल कराई जाएगी।
नकुल सिंह ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। अब देखना यह है कि प्रशासन किसानों की समस्या का समाधान कितनी जल्दी कर पाता है।
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