कलेक्ट्रेट परिसर से जनपद की समस्त टीमों को राजकीय वाहनों के साथ हरी झण्डी दिखाकर किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुये मंत्री द्वारा जनपद के समस्त गोवंशीय एवं महिषवंशीय पशुओं को घर-घर जाकर टीकाकरण किये जाने के निर्देश दिए गए तथा प्रत्येक दशा में पशुपालकों को सुविधा का लाभ प्राप्त हो सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया।
जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि पशु चिकित्साधिकारी प्रत्येक गाॅव में टीकाकरण सुनिश्चित करने के साथ साथ भारत पशुधन एप पर डाटा की फीडिंग भी करेंगे। खुरपका-मुहॅपका (एफ0एम0डी0) एक गम्भीर बीमारी है, जिससे न केवल पशु का स्वास्थ्य प्रभावित होता है बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति भी खराब होती है। जनपद में इस बीमारी का प्रकोप न होने पाये इसके लिये आवश्यक है कि कोई भी पशु टीकाकरण से छूटने न पाये।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अतुल कुमार अवस्थी ने बताया कि राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत खुरपका-मुहपका टीकाकरण अभियान का सातवां चरण आगामी 22 जनवरी 2026 से प्रारंभ होगा, जो 10 मार्च 2026 तक संचालित किया जाएगा। यह अभियान कुल 45 दिनों तक चलेगा।
योजना के तहत चार माह से अधिक आयु के सभी गोवंशीय एवं महिष वंशीय पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा। हालांकि सात माह से अधिक गर्भवती गोवंशीय एवं महिष वंशीय पशुओं को इस अभियान के अंतर्गत टीका नहीं लगाया जाएगा। इस संबंध में सभी फील्ड कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। जिन पशुओं के प्रथम वार टीका लगाया जाएगा उनको 28 दिन बाद बूस्टर डोज भी लगाई जाएगी।
अभियान के सफल संचालन के लिए जिले के सभी 15 विकास खंडों में कुल 37 टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें रोस्टर के अनुसार ग्रामवार टीकाकरण कार्य संपादित करेंगी। प्रत्येक टीम को निर्धारित क्षेत्र आवंटित किया गया है, जिससे समयबद्ध और सुचारू रूप से टीकाकरण किया जा सके। टीकाकरण अभियान को लेकर जिले के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और पैरावेट का संवेदीकरण पहले ही किया जा चुका है। अभियान से संबंधित सभी तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, ताकि किसी भी स्तर पर कोई बाधा उत्पन्न न हो।
प्रत्येक टीम में उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी या पशु चिकित्सा अधिकारी को सुपरवाइजर के रूप में तैनात किया गया है। उनके मार्गदर्शन में पशुधन प्रसार अधिकारी, प्रशिक्षित मैत्री और पैरावेट टीकाकरण का कार्य करेंगे। अभियान के दौरान गुणवत्ता, पारदर्शिता और लक्ष्यपूर्ति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
टीकाकरण के बाद संबंधित पशुधन प्रसार अधिकारी, मैत्री और पैरावेट भारत पशुधन ऐप पर टीकाकरण की ऑनलाइन फीडिंग करेंगे। इसमें पशुओं का टैग नंबर, पशुपालक का आधार नंबर, मोबाइल नंबर और पशु का पूरा विवरण पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। फीडिंग के समय पशुपालक के मोबाइल नंबर पर ओटीपी भी भेजा जाएगा, जिसके लिए पशुपालकों से सहयोग की अपेक्षा की गई है। जिले के सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे अभियान में सहयोग प्रदान करें और समय पर अपने पशुओं का टीकाकरण कराएं। उन्होंने कहा कि खुरपका-मुहपका रोग से बचाव के लिए टीकाकरण सबसे प्रभावी उपाय है और इससे पशुधन को गंभीर नुकसान से बचाया जा सकता है।
एफ0एम0डी0 टीकाकरण के सम्बन्धत में किसी भी प्रकार की जानकारी/सूचना/सुझाव हेतु आदि हेतु डा0 सुरजीत सिंह, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, चि0स्वा0/नोडल अधिकारी, बाराबंकी (दूरभाष सं0- 9236553135) से सम्पर्क स्थापित किया जाए।
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